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फरसा बाबा की मौत के बाद हंगामा, आरोपी ड्राइवर ने भी दम तोड़ा, प्रशासन का दावा- 'शिष्यों को कोई परेशानी नहीं होगी'

 Reported By: Abhay Parashar Edited By: Shakti Singh
 Published : Mar 21, 2026 07:06 pm IST,  Updated : Mar 21, 2026 07:40 pm IST

फरसा बाबा की मौत के बाद प्रशासन ने कहा है कि उनके शिष्यों को कोई परेशानी नहीं होगी। फरसा बाबा ने छोटी उम्र में संन्यास ले लिया था और अपना पूरा जीवन गौ सेवा में लगा दिया।

Farsa baba death- India TV Hindi
फरसा बाबा की मौत पर बवाल Image Source : REPORTER INPUT

उत्तर प्रदेश के मथुरा में फरसा बाबा की मौत के बाद उनके शिष्यों ने गौशाला में ही उनका अंतिम संस्कार किया। चंद्रशेखर उर्फ फरसे वाला बाबा मूल रूप से फिरोजाबाद के सिरसागंज के रहने वाले थे। उन्होंने छोटी उम्र में संन्यास ले लिया था। बाबरी मस्जिद विध्वंस के समय अयोध्या चले गए थे। अयोध्या के बाद मथुरा आ गये। मथुरा के बरसाना के पास आजनौख गांव आ गए। यहीं से गौ सेवा शुरू की। गौशाला बनवाई फिर गौ रक्षा दल बनाया। पिछले कुछ सालों से गौ तस्करी के खिलाफ बड़ी मुहिम छेड़ रखी थी। इसके लिए अपने टीम प्राइवेट लड़कों की एक टीम बनाई। जिसके साथ मिलकर गौ तस्करों को पकड़ कर पुलिस के हवाले करते थे।

मथुरा के डीएम चंद्र प्रकाश ने बताया कि हरियाणा बॉर्डर के पास चंद्रशेखर फरसे वाले बाबा जी का एक्सीडेंट हुआ, जिसमें उनकी मृत्यु हो गई। जिस ट्रक से दुर्घटना हुई थी, उस ट्रक के ड्राइवर की भी मौत हो गई है। बाबा जी का इस क्षेत्र में गौ सेवा के लिए काफी बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने अपना जीवन समर्पित किया था। वह गोवंश के प्रति श्रद्धा रखते थे, उनकी असामयिक मृत्यु से लोगों में दुख की लहर है, उसके लिए हम भी दुखी हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार फरसा वाले बाबा के आश्रम पर जा रहे दक्ष चौधरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दक्ष चौधरी की गिरफ्तारी की बात सुनकर गौ सेवक थाने की तरफ निकल गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने गौ सेवकों को रास्ते में रोका। इस दौरान गौ सेवकों ने दक्ष चौधरी को रिहा करने के नारे लगाए।

डीएम बोले गौरक्षकों को लाइसेंस मिलेगा

डीएम ने बताया कि शनिवार थोड़ा कानून व्यवस्था बाधित हुई थी, जिसमें प्रशासन ने जनमानस के साथ बातचीत की। लोगों ने मांग रखी की बाबा की गाय की सेवा करते थे तो उनकी गौशाला का क्या होगा। सरकार का दायित्व है कि गोवंश की रक्षा करे। बाबा जी को शहीद का दर्जा देने के मांग की थी। स्मारक बनाने की मांग थी। गौरक्षकों को पात्रता दी जाए तो पात्र को नियम के तहत लाइसेंस दिया जाएगा। राजस्थान की तरह यहां पर टास्क फोर्स बनाने की बात की गई थी। हम लोगों से निवेदन करना चाहते हैं की अफवाह से बचें। बाबा जी की हत्या की अफवाह फैलाई गई। आपको बता दे की बाबा जी की मृत्यु दुर्घटना में हुई है। अगर कोई और बात होगी तो उसकी भी जांच की जाएगी। जिला में ट्रक में वह जांच कर रहे थे, उसमें फॉर्चून का सामान मिला, जिससे एक्सीडेंट हुआ वह राजस्थान का था और उसमें तार भरा हुआ था।

हिरासत में लिए गए लोग रिहा होंगे

घटना की जांच से जुड़े अधिकारी ने बताया, "शांति व्यवस्था से किसी को खिलवाड़ नहीं करने देंगे। आज सुबह काफी कोहरा था। यह हादसा है। आगे का कंटेनर उन्होंने रुकवाया था और पीछे से ट्रक आया है। हम जांच करेंगे। जिला अधिकारी ने बताया कि पथराव करने वाले जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है, उन्हें रिहा कर दिया जाएगा।"

साधु-संतों ने दुख जताया

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री और पंचदशनाम जूना अखाड़े के संरक्षक महंत हरि गिरी ने फरसा वाले बाबा की मौत पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है कि ऐसी घटनाएं समाज को पूरी तरह से झकझोर कर रख देती हैं। संत समाज भी इस घटना से बेहद आहत है। पंचदशत नाम जूना अखाड़े के जगतगुरु स्वामी चक्रपाणि नंद गिरी महाराज ने भी फरसा वाले बाबा की मौत को दुभाग्यपूर्ण करार दिया है। उन्होंने कहा है कि राष्ट्र रक्षा,धर्म रक्षा और गौ रक्षा की बात करते थे।

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